आजमगढ़ मंडल कारागार में हालत हुए बेकाबू, जेल में केन्द्रीय सुरक्षा बल तैनात

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आजमगढ़, 16 मार्च (उदयपुर किरण). चंडेश्वर स्थित मंडल कारागार में शनिवार को दिन मेे दो कैदियों के विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि जेल में कैदियों के बीच साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गयी. कैदियों को जिला प्रशासन की फोर्स काबू करने में जब नाकाम साबित हुई तो देर रात केन्द्रीय सुरक्षा बलों को हालत पर काबू करने के लिए जेल में बुलाना पड़ा जिसके बाद देर रात करीब 11 बजे हालत पर काबू किया जा सका लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

बतातें चले कि जिला जेल के बैरक नंबर पांच में शुक्रवार की रात बिस्तर बिछाने को लेकर सजायाफ्ता कैदी विनय पांडेय निवासी गहजी थाना अहिरौला आजमगढ़ और अतहर निवासी कस्बा सरायमीर आजमगढ़ के बीच हुई मारपीट में विनय पांडेय नामक बंदी घायल हो गया. उसका जेल के अस्पताल में इलाज चल रहा है जबकि अतहर अपनी बिरादरी के लोगों को एकजुट करने लगा हुआ था. शनिवार को इसकी जानकारी होने पर एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में एसपी सिटी कई थानों की फोर्स लेकर पहुंचे और सर्च ऑपरेशन कर एक दर्जन से अधिक मोबाइल बरामद करने के साथ ही सात गोलबंद बंदियों के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया. शाम करीब पांच बजे जिला प्रशासन के अधिकारियों ने जैसे ही जेल को छोड़ा तो उसके बाद दोनों गुटो के कैदी आपस में भिड़ गये. हालत पर काबू पाने के लिए जेल के बंदी रक्षकों ने पूरी कोशिश की जिसमें कई बंदी रक्षकों के घायल होने की भी सूचना है.

हालत बेकाबू होते देख जेल प्रशासन ने जिला प्रशासन को सूचित किया. करीब 6 बजे दस थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के साथ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी जिला जेल में दाखिल हुए. जेल, पुलिस की टीमों ने कई राउन्ड हवा में फायरिंग की और आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ जमकर लाठीचार्ज किया लेकिन कैदियों पर इन सब का कोई असर नहीं हुआ बल्कि इससे कैदी और भड़क उठे और पुलिस टीम पर ही पथराव के साथ गुरिल्ला युद्ध छेड़़ दिया. इसके बाद जिला प्रशासन और जेल प्रशासन ने रात करीब 7.30 बजे जेल की बिजली ठप करके हालात काबू करने कीी कोशिश की. पुलिस, पीएसी और बंदी रक्षकों के प्रयासों के बाद भी जब हालाात बेकाबू होने लगे तो रात करीब 8.30 बजे केन्द्रीय पुलिस बल (सीआईएसएफ) को जेल में बुलाया गया.

बताया जा रहा है कि केन्द्रीय बल की कुछ टुकड़ी लोकसभा चुनावों के लिए जनपद में आ चुकी थी. रात करीब 9.30 बजे के बाद जेल से फायरिंग की आवाजे भी बाहर आनी बंद हो गयी हैंं. केन्द्रीय बल की तैनाती के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका लेकिन इसकी कोई अधिकारिक जानकारी नहीं हो सकी है. जिले के सभी अधिकारी अब भी जेल के अन्दर ही मौजूद है.

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