चंबल का पानी उतरने के बाद सक्रिय हुए रेत माफिया

0
2

मंदसौर, 14 मार्च (उदयपुर किरण). जिले में रेत के खनन में भी सोना उगल रहा है. खनन माफियाओं को जनप्रतिनिधियों का साथ व पुलिस का संरक्षण मिलने का ही असर है कि वे कई बार लोगों के साथ मारपीट भी करते रहते हैं. इसके अलावा प्रशासन भी कुछ दिन कार्रवाई करता है और फिर से खनन माफिया हावी हो जाते हैं. खनन माफियाओं के निशाने पर जिले की सबसे बड़ी नदी चंबल है. नदी के बीच तक पहुुंचकर जेसीबी से खनन कर ट्रैक्टर ट्रॉली व डंपर में रेत परिवहन कर रहे हैं. इसमें नेताओं को कुछ जनप्रतिनिधियों से मिल रही शह व संबंधित थाना क्षेत्रों की जुगलबंदी से रेत का भारी खनन हो रहा है. चंबल नदी कहीं जिले की सीमा में हैं तो कही राजस्थान की सीमा में होने से माफिया इसका फायदा भी उठा रहे हैं.

जिले में अवैध रेत खनन के साथ ही खनन माफियाओं की दादागीरी चल रही है. सीतामऊ तहसील से लेकर गरोठ तक के चंबल से लगे क्षेत्रों में नदी में पहले पंप लगाकर रेत खींची जा रही थी. तब तत्कालीन कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर कुछ जगह कार्रवाई की थी और पम्प जब्त भी किए थे. उसके बाद यह प्रक्रिया तो बंद कर दी गई और अब जेसीबी से डंपर व ट्रैक्टरों में रेत भरी जा रही है. रेत के दामों में एकाएक उछाल के कारण भी खनन माफिया इसमें भारी लाभ कमा रहे हैं और पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक को भी बांट रहे हैं.

जिला खनिज अधिकारी मेजरसिंह जमरा ने बताया कि शासन ने पुरानी नीति में संशोधन कर नई रेत खनन नीति बना दी है. इसमें पंचायतों के साथ ही खनिज अधिकारियों को भी फिर से कार्रवाई के अधिकार दिए गए हैं. अब जिपं सीईओ के पास भी अधिकार है. अवैध खनन रोकने की कार्रवाई अब तेजी से की जाएगी. हमारे पास नए निरीक्षक भी आ गए हैं. जल्द ही कार्रवाई शुरू होगी.

http://udaipurkiran.in/hindi

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here