दुर्लभ प्रजाति के तक्षक के साथ पकड़े गए सात तस्कर

कोलकाता, 26 जनवरी (उदयपुर किरण). हावड़ा जिले के एक होटल से पुलिस की टीम ने विरल प्रजाति के तक्षक के साथ सात तस्करों को गिरफ्तार किया है. इनकी गिरफ्तारी गुरुवार देर रात हुई है. शुक्रवार को इन्हें न्यायालय में पेश कर सात दिनों के रिमांड पर लिया गया है. इस बारे में पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गोलाबाड़ी थाना के रोज मेरी लेन स्थित एक होटल से इन लोगों की गिरफ्तारी हुई है. इनमें से पांच बिहार के कटिहार जिला व बाकी दो बंगाल के निवासी हैं. इन तस्करों के पास से एक जीवित विरल प्रजाति की तक्षक जब्त किया गया है. तक्षक को एक बोतल में छिपा कर रखा गया था. इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये है.

गोलाबाड़ी पुलिस को मिली गुप्त सूचना के बाद गुरुवार रात को होटल में छापामारी अभियान चलाकर पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपितों में अमृत मोर्या, राम शरण चौधरी, रुपेश पासवान, शंभु प्रसाद साहा, अश्विनी कुमार सिंह शामिल है. ये लोग बिहार के कटिहार जिले के निवासी हैं. इन्होंने पुलिस को प्राथमिक पूछताछ में बताया कि तक्षक को कटिहार के जंगल से शिकार कर तस्करी के लिए बोतल में छिपाकर हावड़ा लाया गया था. यहां से कोलकाता के रास्ते इसे बांग्लादेश भेजे जाने की फिराक में यह लोग लगे हुए थे. इस तक्षक को खरीदने के लिए बंगाल के 2 लोग पहुंचे थे. इनके नाम शंकर महतो और प्रदीप नस्कर है. ये, क्रमशः कोलकाता के कसबा थाना के तिलजला और दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर थाना के चंपाहाटी इलाके के निवासी हैं. ये लोग दलाल हैं. होटल में सातों आरोपित तक्षक की कीमत पर मोल भाव कर रहे थे.

जब्त किए गए तक्षक की लंबाई आठ सेंटीमीटर, वजन लगभग 50 ग्राम है. यह जीव वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत विरल प्रजाति में शामिल हैं और इनका शिकार अथवा खरीद बिक्री दंडनीय अपराध है. इस जीव का पौराणिक महत्व होने की वजह से बड़े पैमाने पर ऊंची कीमत पर इसे बेचा भी जाता है. इस तक्षक को वन विभाग के हवाले कर दिया गया है.

शुक्रवार को सभी आरोपितों को हावड़ा के सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया,जहां से कोर्ट ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया है. पुलिस के प्राथमिक जानकारी के अनुसार तक्षक तस्करी का अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय है. कोलकाता में इस को कहां और किसके हाथों बेचने की योजना थी. साथ ही बिहार के कटिहार में इस नेटवर्क का जाल कितना बड़ा है और इसमें कौन -कौन लोग शामिल है, इस पूरे मामले की सघन जांच शुरू कर दी गई है. प्राथमिक तौर पर यह भी पता चला है कि कोलकाता में इनका एक बड़ा नेटवर्क है जो ऐसे जंगली जीवो को खरीदकर बांग्लादेश या नेपाल के रास्ते चीन तक तस्करी करते हैं. गिरफ्तार किए गए आरोपितों से पूछताछ कर अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.

http://udaipurkiran.in/hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *