दो अलग-अलग इलाकों में किशोरी समेत दो ने की खुदकुशी

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नई दिल्ली, 14 मार्च (उदयपुर किरण). बाहरी उत्तरी जिले के समयपुर बादली इलाके में एक किशोरी ने पंखे से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. जबकि भलस्वा डेयरी इलाके में एक किशोर ने छोटे भाई से कहासुनी होने के बाद फांसी लगा ली. पुलिस को दोनों मामलों में मौके पर से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए बाबू जगजीवन राम अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है. वीरवार को शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों को सौंपा दिया जाएगा. पुलिस मामला दर्ज कर परिवार वालों से पूछताछ कर रही है.

परिवार वाले घटना के बाद खुद हैरान है,उनका कहना है कि उनका बेटी खुदकुशी कर लेगा इस बारे में कभी भी नहीं सोचा था. जानकारी के अनुसार समयपुर बादली खुदकुशी मामले में मृतक किशोरी की पहचान प्रीति(14) के रूप में हुई है. वह परिवार के साथ बादली गांव इलाके में रहती थी. प्रीति सरकारी स्कूल से नौवीं कक्षा की पढ़ाई कर रही थी. बुधवार शाम प्रीति को उसके कमरे में पंखे से लटका हुआ परिवार वालों ने देखा था. जिसको तुंरत अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों ने प्रीति को मृत घोषित कर दिया.

अस्पताल से पीसीआर को मामले की सूचना दी गई. सूत्रों की मानें तो प्रीति पढ़ाई में काफी अच्छी थी. लेकिन उसने सुसाइड क्यों किया है. इस बात को लेकर परिवार वाले भी हैरान है. परिवार वाले प्रीति के स्कूल बैग में रखी उसकी किताबों और कॉपियों को खंगाल रही है. जिससे उसकी खुदकुशी के बारे में कुछ पता चल सके. भलस्वा डेयरी इलाके में खुदकुशी मामले में किशोर की पहचान अंशु(14)के रूप में हुई है. वह परिवार के साथ मुकुंदपुर इलाके में रहता था. वह सरकारी स्कूल से सातवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा था. परिवार में माता पिता,दो भाई और एक बहन है. पिता शेषनाग साप्ताहिक बाजार में सामान बेचा करते हैं. परिवार वालों ने बताया कि दोपहर वह स्कूल नहीं गया था. छोटे भाई से उसकी किसी बात को लेकर बहसबाजी हो गई थी.

वह अपने पहली मंजिल पर स्थित कमरे में चला गया था. करीब पौने दो बजे तक वह जब काफी आवाज लगाने के बावजूद कमरे से बाहर नहीं आया. परिवार वालों ने दरवाजा खटखटाकर उससे बात करने की कोशिश की थी. कमरे की खिडक़ी से झांककर देखा,वह पंखे से चुन्नी का फंदा लगाकर लटका हुआ था. जबरन दरवाजा तोडक़र कमरे में जाकर उसे पंखे से नीचे उतारा. उसको पास के अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों ने अंशु को मृत घोषित कर दिया. परिवार वालों ने बताया कि अंशु जैसे जैसे बढ़ा हो रहा था वह ज्यादा किसी से नहीं बोलता था. वह अपने काम से काम रखता था. अपने भाई बहन से भी ज्यादा नहीं बोला करता था. वह अपने में ही मस्त रहा करता था.

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