फिल्म ‘आर्टिकल 15’ के खिलाफ ब्राह्मणों में आक्रोश, रोक लगाने की मांग

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बांदा, 11 जून (उदयपुर किरण). आगामी 20 जून 2019 को रिलीज होने वाली फिल्म आर्टिकल 15 में ब्राह्मणों को बलात्कारी और हत्यारा दिखाये जाने पर अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने आक्रोश व्यक्त करते हुए इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगााने की मांग की है. इसके अलावा अलीगढ़ काण्ड के आरोपितों को सजा-ए-मौत देने की मांग की गई है.

अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के जिलाध्यक्ष सचिन चतुर्वेदी के नेतृत्व में परिषद के पदाधिकारियों ने मंगलवार को महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा. इस बारे में जिलाध्यक्ष सचिन चतुर्वेदी ने बताया कि 20 जून 2019 को रिलीज होने वाली फिल्म अर्टिकल 15 का ट्रेलर सामाजिक समरसता को भंग करने वाला है. फिल्म निर्माताओ ने यह फिल्म उतर प्रदेश के बदायूं जिले में पिछड़ी जाति (शाक्य) की दो बालिकाओं के साथ हुये बलात्कार और उसके उपरान्त हत्या की सत्य घटना पर आधारित है. इसमें ब्राह्मणों को बलात्कारी व हत्यारा दिखाया गया है जो कदापि उचित नहीं है. परिषद् के मंडल संयोजक पं. राजेश पाण्डेय ने कहा कि बदायूं की घटना में जिन व्यक्तियों के ऊपर बलात्कार व हत्या का आरोप लगाया था, वह ब्राह्मण नहीं थे. पुलिस की जांच में किसी ब्राह्मण के संलिप्त होने का जिक्र नहीं है. इसके बाद भी ब्राह्मणों का आरोपी दिखाना उचित और स्वीकार नहीं है.

परिषद की महिला इकाई की अध्यक्ष ममता पाण्डेय ने कहा कि बलात्करियों की कोई जाति नहीं हो सकती. बलात्कारी एक अपराधी होता है उसे किसी जाति से जोड़ना उचित नहीं है. परिषद ने महामहिम राज्यपाल को एक और ज्ञापन प्रेषित किया है जिसमें अलीगढ़ में मात्र ढाई वर्ष की बेटी टिवंकल शर्मा के साथ हुये घटनाक्रम को शर्मसार करने वाला बताते हुये दोषियों को फांसी की सजा की मांग की.

ज्ञापन देने वालों में संरक्षक पुलक चन्द्र मिश्र, बीपी पाण्डेय, शिवचरण शुक्ल, गोविन्द प्रसाद त्रिपाठी एड., जगत प्रसाद त्रिपाठी, मनीष पाठक, आशाराम द्विवेदी, लव मिश्रा, आशुतोष तिवारी, आयुष मिश्रा, वेदरत्न तिवारी, ओमप्रकाश शुक्ल इत्यादि सजातीय बंधु मौजूद रहे.

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