बिना टेंडर जल संसाधन विभाग ने खरीदी करोड़ों की पाइप

0
2
कोरिया, 17 मई (उदयपुर किरण). ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की भूमि को सिंचित कर उनकी कृषि आय को बढ़ाने एवं कृषकों को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से डायवर्सन, टैंक, एनीकेट जैसे महत्त्वपूर्ण योजनाओं पर शासन करोड़ों रुपये खर्च करती है. वहीं जल संसाधन विभाग में बैठे कुछ अधिकारी शासन की इस महत्त्वपूर्ण योजना की  मिट्टी पलीद करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. कोरिया जिले के खड़गवां विकास खंड के ग्राम गणेशपुर में करोड़ो की लागत से बनने वाली खेराखाड़ी डायवर्शन योजना अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है. विभाग की उदासीनता और ठेकेदार की मनमानी के चलते लाखों रुपये के लगभग पांच सौ पाइप अपने लगने का इंतजार विगत तीन वर्षों से कर रहे हैं. वहीँ एक अन्य योजना के लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी किये बिना ही कार्यपालन अभियंता और एसडीओ के द्वारा 2 करोड़ 80 लाख रुपये की पाइप खरीद ली गयी है.
ग्रामीणों ने बताया कि डायवर्सन कार्य प्रारंभ होने के पूर्व ही सैकड़ों पाइप सिंचाई विभाग द्वारा लाकर गांव में गिरा दिया गया है. गांव के आसपास 15 से 20 फीट तक पाइप बिछाने के लिये गड्ढे खोदे गये हैं. पाइप को गड्ढे में नहीं डालने से बारिस के समय गड्ढे में पानी भरने की वजह से आमजन सहित मवेशियों को आने-जाने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. रात के अंधरे में मवेशी गड्ढों में गिर भी जाते हैं जिससे उनकी मौत भी हो जाती है. पानी भरने के कारण पिछले वर्ष गांव की एक महिला की डूबने से मौत भी हो चुकी है. ग्रामीणों ने बताया कि विभाग के द्वारा बस्ती में गिराए पाइप के आसपास स्कूली बच्चे खेलते रहते हैं, अचानक पाइप के लुढ़क जाने से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है. इस महत्त्वपूर्ण योजना का कार्य पूरा नहीं होने के कारण ग्रामवासियों में भारी रोष है. खेराखाड़ी डायवर्शन के नाम पर जलसंसाधन विभाग ने करोड़ो फूंक डाले लेकिन अभी तक न तो डायवर्सन का काम पूरा हो सका और न ही किसानों के खेतों को पानी का एक बूंद ही नसीब हुआ. खड़गवां विकास खण्ड के अनुविभागीय अधिकारी के. टोप्पो ने बताया कि खेराखाड़ी डायवर्सन का काम अधूरे में ही लटका है.
जल संसाधन विभाग बैकुण्ठपुर द्वारा डायवर्शन योजना पर पाइप खरीदी का ताजा मामला जिले के मनेन्द्रगढ़ विकासखंड के ग्राम शेरामथानी स्थित बड़काघाघी व्यपवर्तन योजना का है. 8 करोड़ 72 लाख की लागत से बनने जा रही बड़का घाघी डायवर्सन योजना वन विभाग के भूमि पर प्रस्तावित है. योजना के लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी किये बिना ही कार्यपालन अभियंता और एसडीओ के द्वारा 2 करोड़ 80 लाख रुपये की पाइप खरीद ली गयी है. जल संसाधन विभाग के उपसंभाग मनेन्द्रगढ़ के एसडीओ जेपी राय ने बताया कि बिना निविदा प्रक्रिया के भी पाइप खरीद सकते हैं, जब उनसे वन विभाग से अनुमति के संबंध में जानना चाहा तो एसडीओ राय ने कहा कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस लेने के चक्कर में बहुत समय लग जाता है, इस वजह से कार्य की लागत और बढ़ जाती है. इसलिए निर्माण कार्य और क्लीयरेंस का काम साथ में ही होते रहता है और हम लोग ऐसा ही करते हैं. बड़का घाघी डायवर्सन योजना मनेन्द्रगढ़ वनमंडल के ग्राम शेरामथानी से 2 किमी अंदर वन भूमि के कक्ष क्रमांक 902 में बनना प्रस्तावित है लेकिन इसके लिए जल संसाधन विभाग को वन विभाग की मंजूरी नहीं मिल पाई है. वनमण्डलाधिकारी मनेन्द्रगढ़ से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में यह योजना नहीं है और बिना अनुमति कार्य करने पर कार्रवाई की बात भी उन्होंने कही.

https://udaipurkiran.in/hindi

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here