बिना डिग्रीधारी झोलाछाप डॉक्टर को भेजा जेल

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हनुमानगढ़, 17 मई (उदयपुर किरण). जिले के रावतसर तहसील क्षेत्र में बिना किसी डिग्री के स्वयं को विशेषज्ञ चिकित्सक प्रचारित कर आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप डॉक्टर को न्यायालय ने जेल भेजे जाने के आदेश दिए हैं.

प्रकरण के अनुसार पुलिस ने शुक्रवार को आरोपित कथित चिकित्सक वीके राय (40) पुत्र मृत्युंजय राय निवासी वार्ड 19 रावतसर के खिलाफ न्यायालय में भादसं की धारा 419, 420 व भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम की धारा 15(2) के अन्तर्गत चालान प्रस्तुत किया. इस पर आरोपित ने न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र पेश किया. बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी को निर्दोष बताते हुऐ कहा कि उसने कोई अपराध नहीं किया है, उसे झूठा फंसाया गया है. बचाव पक्ष की दलीलों का सहायक अभियोजन अधिकारी ने कड़ा विरोध किया. दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट एस.एस. बिश्नोई ने आरोपित द्वारा प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र अस्वीकार कर खारिज करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे जाने के आदेश दिए. मामले पर टिप्पणी करते हुऐ न्यायिक मजिस्ट्रेट बिश्नोई ने लिखा कि इस प्रक्रम पर मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों व अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए जमानत का लाभ दिया जाना न्यायोचित प्रतीत नहीं होता है.

गौरतलब है कि बीसीएमओ डॉ. पवन छिम्पा के नेतृत्व में गठित चिकित्सा विभाग की टीम ने 29 मार्च को मटोरिया गैराज के पास स्थित राधिका हॉस्पीटल में छापा मारते हुए जांच की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे. हॉस्पिटल के संचालक डॉ. वीके राय के पास एलोपैथी औषधियों से इलाज संबंधी कोई अनुज्ञा पत्र अथवा डिग्री नहीं मिली. जांच में अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं. इस पर बीसीएमओ डॉ. छिम्पा ने पुलिस थाना में आरोपित कथित डॉक्टर के खिलाफ बिना पंजीकरण आधुनिक चिकित्सा प्रद्धति में षड्यंत्रपूर्वक एलोपैथी औषधियों से उपचार करते हुए आमजन से ठगी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करवाया. अनुसंधान के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी बिना पंजीकरण आधुनिक चिकित्सा प्रद्धति में षड्यंत्रपूर्वक एैलोपैथिक औषधियों में इलाज करता है, जो दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है. आरोपित के खिलाफ पूर्व में भी इसी प्रकार का एक प्रकरण दर्ज है.

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