महाठग देश भर में लोगों को 30 करोड़ का लगा चुके हैं चूना, दम्पति गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 11 फरवरी (उदयपुर किरण). धोखाधड़ी के एक दर्जन से अधिक मामलों में भगोड़े दम्पति को कोटला मुबारकपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. दम्पति पर 30 करोड़ से अधिक का ठगी करने का आरोप है. गिरफ्तार दम्पति की पहचान विनोद बंसल(57 वर्ष) और प्रीति बंसल(56 वर्ष) के रूप में हुई है. दोनों आरोपित सिरिस रोड, गुड़गांव (हरियाणा) में रह रहे थे. इस दम्पति पर दिल्ली, पंजाब और हरियाणा समेत एनसीटी की विभिन्न अदालतों द्वारा दो को करीब एक दर्जन मामलपराधी घोषित किया जा चुका है. इसके अलावा तीन केस सीबीआई और एक मामला दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू के पास भी है.

डीसीपी विजय कुमार के अनुसार पुलिस घोषित बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जांच कर रही थी. इसी दौरान पता चला कि सीबीआई भी उनके खिलाफ आईपीसी की धारा-120 बी समेत 467/468/471 समेत कई धाराओं के तहत विनोद बसंल के खिलाफ केस दर्ज कर रखा है. उसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए डिफेंस कॉलोनी एसीपी रणवीर सिंह की देखरेख व कोटला मुबारपुर के एसएचओ अजय सिंह नेगी के नेतृत्व में इंस्पेक्टर रामफूल मीणा,एसआई दुर्गा दास,एएसआई जय प्रकाश और महिला कांस्टेबल हिमानी की टीम बनाई गई.

आरोपित दम्पति को पकड़ने के लिए उनके बारे में व ठिकाने के बारे में जानकारी जुटाई गई और दम्पति पर सर्विलांस की मदद से निगरानी रखी जाने लगी. नौकर समेत कई लोगों से पूछताछ की गई. लेकिन दोनों भूमिगत हो गये थे. इसी बीच दस फरवरी को एक गुप्त सूचना के बाद दोनों आरोपित को गाजियाबाद (यूपी) के सूर्य विहार के इलाके से दबोच लिया गया.

प्रॉपर्टी डीलर व्यवसाय से बन गया महाठग

पूछताछ में पता चला कि आरोपित विनोद बंसल ने भटिंडा(पंजाब) में पैदा हुआ था. वह 1983 में वह दिल्ली आया और फरीदाबाद में प्रॉपर्टी डीलर का का धंधा शुरू किया. 1995 में उन्होंने करोल बाग इलाके में एक कार्यालय लिया मुरथल (हरियाणा) में एक कारखाना खरीदा. इस दौरान वह ठगी की वारदात को अंजाम देता रहा.

2006 में सीबीआई कर चुकी है गिरफ्तार

2006 में उसे हाउसिंग स्कैम के एक मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने लुधियाना में एक स्कूल खोला और नामी स्कूल जीडी गोनका स्कूल, डॉन बॉस्को ग्लोबल स्कूल की फ्रेंचाइजी ले ली और निवेशकों को अपने स्कूल में निवेश करने के लिए प्रेरित किया लेकिन बाद में निवेशकों को धोखा दिया. इसके बाद वह दिल्ली वापस आया और ग्रीन पार्क इलाके में एक संपत्ति खरीदी और बैंक के साथ गिरवी रख दी. उसने कई निजी संस्थानों जैसे चोलमंडलम, इंटेक, कैपारो, पंजाब कश्मीर फाइनेंस से लॉर्ड बुद्धा सोसायटी के नाम पर कर्ज लिया और भुगतान नहीं किया. 2016 में उसकी पत्नी को भी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया. अभी वह जमानत पर रिहा चल रही थी.

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