‘महामिलावट’ क्लब में शामिल दल के नेता कर रहे कानून का सामनाः प्रधानमंत्री

नई दिल्ली, 11 फरवरी (उदयपुर किरण). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आगामी चुनाव के मद्देनजर विपक्षी महागठबंधन को ‘महामिलावट’ करार देते हुए आज कहा कि इस क्लब में शामिल दलों और उनके नेताओं का मकसद सिर्फ अपनी राजनीति के दीये को जलाए रखना है. महामिलावट क्लब ऐसे लोगों का क्लब है, जिसके हर सदस्य को गरीब वंचित लोगों को धोखा देने के आरोप में कानून का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि अब देश की जनता ने तय कर लिया है और भ्रष्टाचारियों को सत्ता से जाना ही होगा. मोदी ने आज अपने दक्षिण भारत के दौरे के दौरान आंध्र प्रदेश के गुंटूर, तमिलनाडु के तिरुपुर और कर्नाटक के हुबली में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया और कई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी. इस दौरान उन्होने अलग-अलग तीन जनसभाओं को भी संबोधित किया.

आंध्र प्रदेश के गुटूंर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने वहां के तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के मुखिया और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने देश को धुएं में जीने के लिए छोड़ दिया था, वह अब झूठ का धुआं फैलाने में जुटे हैं. झूठ की बुनियाद पर मिलावट का खेल खेल रहे हैं. संगत का असर ये है कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी आंध्र प्रदेश को विकास की ओर ले जाने की बजाय मोदी को गाली देने में जुट गए हैं. उन्होंने आंध्र प्रदेश के सनराइज (सूर्योदय) का वादा किया था लेकिन वे अपने ‘सन’ (बेटे) को ही ‘राइज’ कराने में जुट गए हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू आज महामिलावट के जिस क्लब में शामिल हुए हैं, उसका मकसद सिर्फ अपनी राजनीति के दीये को जलाए रखना है. महामिलावट क्लब ऐसे लोगों का क्लब है जिसके हर सदस्य को गरीब वंचित लोगों को धोखा देने के आरोप मॆं कानून का सामना करना पड़ रहा है. हैरान हूं कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को क्या हो गया है. वह बार-बार मुझे याद दिलाते हैं कि वह मुझसे बहुत सीनियर हैं. इसमें क्या विवाद है. वह सीनियर हैं, इसलिए उनके सम्मान में मैने कोई कमी नहीं छोड़ी है. हां, नायडू सीनियर हैं दल बदलने में, नए-नए दलों से गठबंधन करने में, खुद के ससुर एनटी रामाराव (एनटीआर) की पीठ में छुरा घोंपने में और एक के बाद दूसरे चुनाव हारने में और मैं तो इन सब मामलों में उनसे सीनियर हूं नहीं. वह आज जिसको गाली दें, कल उसकी गोदी में बैठने में भी सीनियर हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से ‘बाबू’ की डिक्शनरी में जितनी गाली है, उसको मोदी के लिए रिजर्व कर लिये हैं और हर रोज एक नई गाली दे रहे हैं. क्या आंध्र की संस्कृति, संस्कार के अपमान का करने का उन्हें अधिकार है. ये बाप बेटे की सरकार का जाना तय है, भ्रष्टाचारियों का जाना तय है, आंध्र की जनता यहां भ्रष्टाचार मुक्त शासन चाहती है.

एनटीआर की विरासत संभालने वाले ने उनके सपनों को साकार करने और उनके कदमों पर चलने का वादा किया था. पर अब वह नामदारों के सामने जाकर सर झुकाकर बैठ गए हैं. आखिर ऐसा क्या दबाव है कि चंद्रबाबू अपनी पार्टी का ही इतिहास ही भूल गए.. मोदी ने कहा कि दिल्ली के एक परिवार ने अपने अहंकार और स्वार्थ के कारण राज्यों को अपनमानित करता रहा है. एनटीआर ने उसी के कारण आंध्र को कांग्रेसमुक्त करने का संकल्प लिया था और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) का गठन हुआ था. आज जिस तेलुगु देशम पार्टी के नेता को कांग्रेस मुक्त भारत की ओर बढ़ना चाहिए था, वह उन्हीं नामदारों के आगे झुक गए हैं. उस समय आंध्र प्रदेश का अपमान करने वाले दल कांग्रेस को एनटीआर दुष्ट कहते थे, आज मुख्यमंत्री उसी दल को दोस्त बनाकर बैठे हैं. एनटीआर जहां होंगे ये देखकर उनकी आत्मा को कितना दुख हो रहा होगा. अपने सिद्धांतों से एन. लोकेश के पिता (चंद्रबाबू नायडू) इस लिए भटक गए हैं क्योंकि वह सच्चाई का सामना करना नहीं चाहते. मैं उनका सच आज बताने आया हूं.

पहला सच, चंद्रबाबू नायडू कभी दुबारा चुनाव जीत नही पाए हैं, इसलिए उनको चुनाव में हार का डर लग रहा. दूसरा सच, वह अपने बेटे को राजनीति में स्थापित करने की कोशिश में लगे हैं. तीसरा सच, अपनी संपत्ति का क्रियेशन (संपत्ति बढ़ाने में लगे हैं), चौथा सच, देश के चौकीदार मोदी ने उनकी नींद हराम कर रखी है. इन चारों सच्चाइयों से वह डरे हुए हैं. यहां के मुख्यमंत्री को तकलीफ है कि ये चौकीदार उनसे हिसाब मांगता है. पहले उन्हें दिल्ली के गलियारे में हिसाब नहीं देना पड़ता था, अब मोदी उनसे पूछता है कि आंध्र के विकास की दी गई पाई-पाई का हिसाब दीजिए, यही उनको चुभता है.

विपक्ष की गाली देने वाली राजनीति पर किया हमला

तमिलनाडु के तिरुप्पुर में विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने एक मिसाल कायम करने की हिम्मत की. जहां भाजपा ने राष्ट्र में सामाजिक न्याय प्रणाली को बदल दिया है वहीं इसके विपरीत तीसरे मोर्चा की सरकार थी, जहां डीएमके और कांग्रेस दोनों ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के लिए पदोन्नति में आरक्षण हटा दिया. हमारी सरकार सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10% आरक्षण के लिए एक बिल लाई और हमने देश में मौजूदा आरक्षण प्रणाली में बिना किसी फेरबदल के ऐसा किया.

उन्होंने कहा कि तथाकथित महागठबंधन का एजेंडा केवल ‘मोदी’ है और विकास के लिए कोई विजन नहीं है. के. कामराज हमेशा सत्ता में एक सरकार चाहते थे, जिसमें भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता हो. आपने दिल्ली में एक सरकार रखी है, जो भ्रष्टाचार पर ताला लगा रही है. एनडीए सरकार के अच्छे कार्यों ने कुछ लोगों को बहुत दुखी किया है और उनकी नाखुशी मोदी के प्रति हताशा और दुर्व्यवहार में बदल गई है. उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम का नाम लिये बिना उन पर निशाना साधते हुए कहा कि तमिलनाडु के एक बहुत बुद्धिमान पूर्व मंत्री के बारे में बात करते हैं ‘द रीकाउंटिंग मंत्री’. जो आदमी सोचता है कि वह इस दुनिया का सबसे ज्ञानी आदमी है. मोदी को गाली देने की विपक्ष की राजनीतिक संस्कृति उन्हें टेलीविजन में कुछ जगह दे सकती है, लेकिन चुनाव देश के लिए एक दृष्टि से लड़े जाते हैं, न कि निंदा करने और हमला करने के लिए. आज पूरा विश्व भारत के विकास की बात कर रहा है. यह विकास भारत के लोगों की ताकत और कौशल के कारण संभव है. 2022 तक, हम सभी के लिए आवास प्राप्त करने का लक्ष्य रख रहे हैं और इस दिशा में काम कर रहे हैं. पिछले चार वर्षों में 1.3 करोड़ घर पहले ही बन चुके हैं.

देश में कर्नाटक की तरह मजबूर सरकार चाहती है कांग्रेस

शाम को कर्नाटक के हुबली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईआईटी और ट्रिपल आईटी धारवाड़ की आधारशिला रखी. यहां प्रधानमंत्री ने सूबे की कांग्रेस-जेडीएस सरकार को ‘मजबूरी की सरकार’ बताया. उन्होंने लोगों से केंद्र में एक बार फिर ‘मजबूत सरकार’ बनाने की अपील की. उन्होंने एक बार फिर महागठबंधन के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जिसने भी दलाली खायी है, एक-एक करके उनकी बारी आ रही है.’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो भ्रष्ट हैं, मोदी से उन्हीं को कष्ट है.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब 5 लाख रुपये तक की आय को कर के दायरे से बाहर रखा गया है. इससे यहां हुबली-धारवाड़ के मेरे युवा मित्रों को भी लाभ होगा, क्‍योंकि ज्‍यादातर युवा इसी आय वर्ग में आते हैं.’ हमारी सरकार ‘विकास की पंचधारा – बच्‍चों की पढ़ाई, युवाओं को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसान को सिंचाई और जन जन की सुनवाई, इसी विजन के साथ आगे बढ़ रही है.’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण के दौरान सिद्धगंगा मठ के प्रमुख शिवकुमार स्‍वामी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्‍होंने अपना पूरा जीवन दीन-दुखियों के लिए समर्पित कर दिया.

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