मेघालय अवैध खदान हादसा: बरामद शव की हुई पहचान

शिलांग, 26 जनवरी (उदयपुर किरण). मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले के कसान गांव में रैट होल माइन से गुरुवार को बरामद किए गए शव की पहचान असम के चिरांग जिले के अमीर हुसैन के रूप में शुक्रवार को की गई. मृतक की पहचान उसकी मां एवं पत्नी ने की. पहचान किए जाने के बाद पोस्टमार्टम के लिए शव को भेज दिया गया. पोस्टमार्टम के बाद वहां से गाड़ी में लादकर शव को मृतक के गांव में भेजा गया.

उल्लेखनीय है कि गत 13 दिसम्बर को हुए अवैध कोयला खदान हादसे में लापता हुए 15 मजदूरों में से एक का शव गुरुवार को मिला था. पुलिस शव की शिनाख्त कराने की कोशिश कर रही थी. गोताखोर बाकी के 14 श्रमिकों की तलाश के लिए भी अभियान जारी रखे हुए हैं.
शुक्रवार को प्रथम एनडीआरएफ के सेकेंड इन कमान आरएस गिल ने बताया कि एनडीआरएफ और भारतीय नौसेना के गोताखोरों ने करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एक श्रमिक का शव खदान से बाहर निकाल लिया था. एनडीआरएफ के एक गोताखोर के साथ ही एक नौ सेना के गोताखोर एवं एक सिविल हॉस्पिटल के कर्मचारी खदान के मेन शाफ्ट में उतरे. करीब 355 फीट नीचे उतरने के बाद फिर 210 फीट की क्षैतीज दूरी तय कर रैट माइन के अंदर इस मजदूर का शव मिला था. गोताखोरों ने बड़ी सफलतापूर्वक शव को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था. स्थानीय साईपुंग थाना पुलिस भी मौके पर बुलाई गई थी. उसने शव को ईस्ट जयंतिया हिल्स जिला नागरिक प्रशासन के सहयोग से पोस्टमार्टम के लिए खलिहेरियत सिविल हॉस्पिटल भेज दिया था, लेकिन शव की शिनाख्त नहीं होने के कारण उसे उसका पोस्टमार्टम नहीं किया गया था.

स्थानीय जिला उपायुक्त कार्यालय द्वारा तैनात मजिस्ट्रेट डॉ मिथुल संगमा की उपस्थिति में शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में रखा गया था. मृतक का कोई नाते-रिश्तेदार नहीं पहुंचा था. डॉक्टर का कहना था कि शव की शिनाख्त के बाद ही पोस्टमार्टम किया जाएगा. शुक्रवार को ओडिशा फायर सर्विस द्वारा लगाए गए पंप से खदान से 90000 लीटर पानी निकाला गया है. जबकि कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा लगाए गए दो ओल्ड शाफ्ट में पंप से गुरुवार की शाम से शुक्रवार की शाम तक कुल करीब 30 घंटे में 3402000 लीटर पानी निकाला गया. साथ ही गोताखोर बीच-बीच में पानी में उतरकर श्रमिकों को तलाशने का कार्य भी कर रहे हैं. वहीं किर्लोस्कर द्वारा गुरुवार की शाम 05 बजे से शुक्रवार की शाम 6:30 बजे तक चलाए गए पंपों के जरिए तकरीबन 3663000 लीटर पानी निकाला गया. खदान में फंसे शेष 14 श्रमिकों को तलाशने के लिए एनडीआरएफ, भारतीय नौसेना, कोल इंडिया लिमिटेड समेत विभिन्न एजेंसियों द्वारा दिन-रात अभियान चलाया जा रहा है. एक शव की बरामदगी के बाद लोगों के बीच आशा जगी है.

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