वन्य जीवों के अवशेष मिलने का मामला: दुकानदारों से पूछताछ, सुराग लगने की संभावना

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जोधपुर, 31 जनवरी (उदयपुर किरण). अंधविश्वास व जादू टोने के लिए वन्य जीवों का शिकार होता आया है. जोधपुर में भी कुछ ऐसा ही सुनने के आने के बाद दिल्ली की वन्य वाइल्ड क्राइम ब्यूरो टीम को भनक लगी. इस पर स्थानीय वन विभाग की टीम के साथ में बुधवार की रात में सिवांची गेट एवं घंटाघर स्थित दो तीन दुकान पर रेड दी गई. सूत्रों के अनुसार यहां पर संदिग्ध रूप से वन्य जीवों के अवशेष मिले जिनमें हाथ दांत, कस्तूरी और जंगली बिल्ली के अवशेष हो सकते है. दोनों टीम स्थानीय दुकानदारों से गुरुवार को भी संयुक्त रूप से पूछताछ कर रही है.

जानकारी के अनुसार दिल्ली की वाइल्ड लाइफ क्राइम ब्यूरो टीम और स्थानीय वन विभाग के सहायक वन्य जीव संरक्षक महिपाल सिंह जुगतावत के साथ में मिलकर बुधवार की रात को सिवांची गेट स्थित दो तीन दुकानों पर रेड दी गई. इन्हें जानकारी मिली कि इन दुकानों पर वन्य जीवों के अवशेष की खरीद फरोख्त होती है. दुकानों से इन टीमों ने वन्य जीव से संबंधित सामग्री जब्त की है. मगर यह वन्यजीव के अवशेष है या नहीं इसकी रिपोर्ट फोरेंसिक जांच से ही पता चल पाएगा. इन्हें विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा. सूत्रों के अनुसार दुकानों से हाथी दांत, कस्तूरी एवं जंगली बिल्ली के अवशेष मिले है.

आस्था एवं अंधविश्वास के नाम पर मारा जाता: सूत्रों ने बताया कि वन्य जीवों का शिकार या इनके अवशेष की खरीद फरोख्त अवैध रूप होती है. जादूटोना, अंधविश्वास व आस्था के नाम पर इन जीवों को मारा भी जाता है. धार्मिक आस्था के लिए भी इनका अवैध रूप से शिकार कर अवशेष बेचे जाते है. वन अधिनियम में मामला और सजा का प्रावधान: यदि दुकानदार दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ वन अधिनियम में मामला दर्ज किया जाएगा. बताया जाता है कि वन्य जीवों की हत्या या शिकार पर 3 से 7 साल की सजा का प्रावधान है.

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