हिंसक हुआ गुर्जर आंदोलन-पुलिस के तीन वाहन फूंके, 26 से अधिक ट्रेनों का रूट बदला

नई दिल्‍ली/जयपुर. राजस्थान में गुर्जर आरक्षण को लेकर चल रहा आंदोलन तीसरे दिन हिंसक हो उठा. पांच फीसद आरक्षण की मांग  को लेकर धौलपुर में महापंचायत के बाद गुर्जर प्रदर्शनकारियों ने   एनएच-3 पर मचकुंड चौराहे पर जाम लगा दिया. जाम खुलवाने आए पुलिसकर्मियों पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर दिया और पुलिस के  तीन वाहनों को आग के हवाले कर हवाई फायरिंग कर दी. आग के हवाले किए  गए वाहनों में एक गाड़ी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की भी थी. वहीं, हिंसक प्रदर्शनकारियों की भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने पहले तो आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर हवा में फायरिंग की. इस दौरान आधा दर्जन पुलिसकर्मी और कुछ आंदोलनकारी घायल हो गए. करीब डेढ़ घंटे तक हाइवे जाम रहा.

हालांकि, पुलिस ने जाम खुलवाकर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई. पुलिस ने क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है. पुलिस अधीक्षक अजय  सिंह का कहना है कि अब शांति बहाल हो गई है, जिससे वाहनों का आवागमन भी हो रहा है. बता दें कि आज गुर्जरों ने एनएच-12 टोंक-कोटा-जयपुर मार्ग पर जाम लगाने का ऐलान किय है. प्राप्‍त जानकारी  के अनुसार दिल्ली-मुंबई रूट की 26 से अधिक ट्रेनों का रूट बदला गया,  वहीं, 13 फरवरी तक 26 ट्रेनें रद्द की गईं है. मुख्यमंत्री गहलोत ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

रेलवे ट्रैक पर बैठे गुर्जर आंदोलनकारी

आंदोलन के चलते रविवार को 23 ट्रेनें प्रभावित

आंदोलन के चलते रविवार को 20 ट्रेनें प्रभावित हुई. इनमें से कुछ को रद किया गया तो कुछ का मार्ग बदला गया. वहीं गुर्जर बहुल इलाकों में अघोषित रूप से रोडवेज और निजी बसों का आवागमन बंद हो गया है. इस कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है. रेलवे सूत्रों के अनुसार, आंदोलन के कारण करीब 17 हजार लोगों ने अपना टिकट रद कराया है.

हाईवे जाम करते गुर्जर आंदोलनकारी

अब रेल ट्रैक पर ही होगी बातचीत

आरक्षण की मांग को लेकर पिछले तीन दिन से सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर में दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर महापड़ाव डाले बैठे गुर्जर अब ‘टॉक ऑन ट्रैक’  पर अड़ गए हैं. रेलवे ट्रैक पर कब्जा जमाए बैठे आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी ¨सह बैंसला और प्रवक्ता शैलेन्द्र सिंह का कहना है कि अब बातचीत रेल ट्रैक पर ही होगी. गुर्जर समाज अपनी मांग पूरी होने के बाद ही यहां से वापस जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर सरकार की मंशा हो तो उन्हें तत्काल आरक्षण मिल सकता है. ट्रेन प्रभावित होने और धौलपुर की घटना पर अफसोस जताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलन को हल्के में नहीं ले.

राज्‍य में प्रतियोगी परीक्षाएं स्थगित

आंदोलन के चलते सरकार ने रविवार को होने वाली कृषि पर्यवेक्षक और महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सीधी भर्ती परीक्षा स्थगित कर दी. इन परीक्षाओं में 1.19 लाख परीक्षार्थी बैठने वाले थे. परीक्षा के लिए जयपुर, कोटा और अजमेर में सेंटर बनाए गए थे.

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